रणजीत सिंह पत्रकार-
अखार बलिया
(दुबहर बलिया )दुबहर थाना क्षेत्र के उदयपुरा गांव स्थित मां काली मंदिर में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में एक युवक और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद आभूषणों की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 55 हजार रुपये है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत दुबहड़ पुलिस को यह सफलता मिली। कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) संजय वर्मा और क्षेत्राधिकारी नगर सतीश शर्मा के पर्यवेक्षण में की गई।
8 अक्टूबर को मंदिर में हुई थी चोरी।
पुलिस के अनुसार, 8 अक्टूबर 2026 को उदयपुरा गांव स्थित मां काली मंदिर में चोरी की घटना हुई थी। इस मामले में थाना दुबहड़ में मुकदमा अपराध संख्या 112/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(d) में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे और चोरी गए सामान की बरामदगी के लिए थानाध्यक्ष बृजेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी।
पुलिस टीम ने सुरागरसी और जांच के आधार पर शुक्रवार को दोपहर करीब 12:13 बजे ग्राम जनाड़ी के पास धरनीपुर मोड़ से रिंग बंधा की ओर जाने वाले मार्ग पर एक युवक और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार युवक की पहचान नीरज गुप्ता (22 वर्ष), पुत्र गोरख गुप्ता, निवासी ग्राम पकड़ी, थाना पकड़ी, जनपद बलिया के रूप में हुई है। दूसरा आरोपित बाल अपचारी है। पुलिस ने विवेचना के दौरान मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की है।
1.55 लाख रुपये के आभूषण बरामद।
पुलिस के मुताबिक, आरोपितों के कब्जे से करीब 356 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं। इनकी अनुमानित कीमत 80 हजार रुपये बताई गई है। बरामद सामान में चांदी की 14 चेन, जिनका कुल वजन लगभग 186 ग्राम है, और करीब 170 ग्राम वजन का एक चांदी का छत्र शामिल है।
इसके अलावा करीब 5.38 ग्राम सोने अथवा पीली धातु के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। इनकी अनुमानित कीमत 75 हजार रुपये बताई गई है। इनमें चार सोने के लॉकेट, एक मांग टीका और मंगलसूत्र का एक लॉकेट शामिल है।
पुलिस का कहना है कि मंदिर से चोरी गए आभूषण बरामद कर घटना का खुलासा कर दिया गया है। दोनों आरोपितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की गई।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
चोरी की घटना का खुलासा करने वाली टीम में थानाध्यक्ष बृजेश सिंह, उपनिरीक्षक शुभेन्द्र सिंह, कांस्टेबल शिवम यादव द्वितीय, कांस्टेबल रवि कुमार मौर्या, कांस्टेबल विश्वरंजन चौबे और कांस्टेबल आलोक चौहान शामिल रहे।