विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट प्रथमकांत की न्यायालय ने 02साल, 06माह, 09दिन में सुनाई फैसला।
त्रिभुवन नाथ यादव एडवो-
विधि संवाददाता बलिया
बलिया / लगभग ढाई साल पूर्व रसड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में मात्र तीन वर्षीय किशोरी के साथ नहाते समय घिनौना कृत्य प्रकाश में आया था उसी मामले में परीक्षण के दौरान सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट प्रथमकांत की न्यायालय ने अभियुक्त सुरेंद्र पुत्र बेचन ग्राम कोप रसड़ा को अभियोजन से राकेश पांडेय एवं बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के उपरांत दोषी ठहराते हुए पच्चीस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है तथा 25हजार रूपये जुर्माने से भी दंडित किया है। साथ ही न्यायालय ने आदेश दी है कि जुर्माने की धनराशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को अतिरिक्त छः मास की सजा भुगतनी पड़ेगी। और न्यायालय ने यह भी आदेश जेल अधीक्षक को पारित की है कि दोष सिद्ध अभियुक्त द्वारा उक्त प्रकरण के अन्वेषण जांच एवं विचारण के दौरान जेल में बिताई गई अवधि न्यायालय द्वारा अधिरोपित सजाओ में समायोजित की जाएं। बिना विलंब के आदेश का अनुपालन करने का आदेश जेल अधीक्षक की दी है।
अभियोजन के मुताबिक यह घटना रसड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में 25जून 2023 को समय करीब शाम 5बजे घटित हुआ था वादी मुकदमा के आवेदन पर आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ था और आरोपी की गिरफ्तारी हुई। जो लगभग ढाई साल से जेल में निरुद्ध है।