सैकड़ों की संख्या में शामिल युवतियों और महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर शहर का किया भ्रमण।
बलिया /गायत्री शक्तिपीठ महावीर घाट गंगा जी मार्ग पर आयोजित गायत्री माता प्राण प्रतिष्ठा वार्षिकोत्सव एवं 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का गुरुवार को भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। इसमें सैकड़ों की संख्या में शामिल युवतियों और महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर शहर का भ्रमण किया। वैदिक मंत्रों व मंगल गीतों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।नगर वासियों ने कलश यात्रा पर जगह जगह पुष्प वर्षा स्वागत करते हुए जलपान की भी व्यवस्था बनाई। कलश यात्रा शक्तिपीठ से निकल कर चमन सिंह बाग रोड, लोहा पट्टी चौक से सिनेमा रोड, महावीर मंदिर, बालेश्वर मंदिर होते हुए नया चौक चित्रगुप्त रोड पहुंची। भृगु मंदिर मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार की बीच जल भर गया। यहां से सतीश चंद्र कालेज, मालगोदाम रोड, स्टेशन चौक रोड से गुदरी बाजार होते हुए शक्तिपीठ पर पहुंची। जहां आरती एवं शांति पाठ के साथ इसका समापन हुआ। शांतिकुंज हरिद्वार के टोली नायक रामतपस्या आचार्य ने कहा कि यज्ञ ही व्यक्ति समाज एवं विश्व की रक्षा कर सकता है।

अतः यज्ञ की संस्कृति को बचाए रखना मानव जाति का धर्म और दायित्व है। आज करोड़ों व्यक्ति गायत्री से जुड़ कर अपने जीवन में सुधार ला रहें हैं। गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक विजेंद्र नाथ चौबे ने बताया कि एक जनवरी से चार जनवरी तक यह महायज्ञ किया जाएगा। जिसके प्रथम दिन कलश यात्रा का धार्मिक उद्देश्य जीव जगत के कुशल मंगल की कामना और जनजागरण है। इस दौरान सभी प्रकार के कर्मकांड व संस्कार, नामांकरण, मुंडन, विद्यारंभ, यज्ञोपवीत, दीक्षा आदि निशुल्क संपन्न कराए जाते हैं।