बलिया /8 अक्टूबर 2026 को मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) सभागार, बलिया में 27वें विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस वर्ष की थीम “Love Your Eyes” (अपने नेत्रों से प्यार करें) तथा सब-थीम “It is not just sight, it’s an entire future” (यह केवल दृष्टि नहीं, बल्कि संपूर्ण भविष्य है) पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान नेत्र सुरक्षा के महत्व और दृष्टि दोष से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने नेत्र संबंधी समस्याओं और उनके निदान पर अपने विचार रखते हुए कहा कि बच्चों और नवयुवकों को अपने नेत्रों की देखभाल के प्रति जागरूक एवं प्रोत्साहित करना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों में दृष्टि दोष की पहचान और उसके उपचार के साथ-साथ नेत्र स्वास्थ्य से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों एवं भ्रामक प्रचार से बचने की जरूरत पर भी प्रकाश डाला।

बैठक में लोगों को नियमित रूप से नेत्र परीक्षण कराने के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही आंखों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने तथा दृष्टि दोष की समय पर पहचान, नियंत्रण और बचाव पर जोर दिया गया। बताया गया कि नेत्र संबंधी समस्याओं के निदान और उपचार के लिए सरकारी चिकित्सालयों की सेवाएं ली जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त नेत्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं की भी मदद ली जा सकती है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, बच्चों एवं युवाओं में दृष्टि दोष की समय पर पहचान सुनिश्चित करना और आंखों की देखभाल को लेकर सकारात्मक सोच विकसित करना रहा।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. योगेन्द्र दास, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मंजू रानी, डॉ. अरविन्द चौधरी, डॉ. अभिषेक मिश्रा, डॉ. साकेत बिहारी, शैलेन्द्र पाण्डेय, नेत्र परीक्षण अधिकारी अजय प्रताप भारती, भूपेश द्विवेदी, मनोज चौरसिया, कमल नारायण, डीपीएम राजशेखर, रविशंकर तिवारी, अरविन्द जायसवाल, सुषमा, आकांक्षा, पूजा, शैलेश कुमार, गोपाल, धीरज सूरज, सोनू सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।