जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में ‘नारी उन्नयन में सरकार की भूमिका’ पर विशिष्ट व्याख्यान।

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श्रीमती चारू चौधरी ने कहा—महिला सशक्तिकरण के बिना राष्ट्र का विकास संभव नहीं।

महिला अधिकारों और सरकारी योजनाओं पर बोलीं चारू चौधरी, छात्राओं को शिक्षा का संदेश।

बलिया /जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के सभागार में बुधवार को “नारी उन्नयन में सरकार की भूमिका” विषय पर एक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती चारू चौधरी, उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग रहीं। इससे पूर्व श्रीमती चौधरी ने प्राथमिक विद्यालय देवकली, आंगनवाड़ी केंद्र देवकली तथा वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दो महिलाओं की गोदभराई की और संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
विश्वविद्यालय में आयोजित व्याख्यान में श्रीमती चौधरी ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं—महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोज़गार और आत्मनिर्भरता—पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेने में सक्षम बन सकें।

उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही नारी उन्नयन का सबसे सशक्त माध्यम है। उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, संवेदनशीलता और अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करना भी है। उन्होंने राज्य महिला आयोग की कार्यप्रणाली, शिकायत निवारण तंत्र तथा महिलाओं को उपलब्ध कानूनी सहायता की भी जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीत कुमार गुप्ता ने की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय समाज में सकारात्मक परिवर्तन का केंद्र होता है और ऐसे विषयों पर विमर्श विद्यार्थियों को जागरूक एवं उत्तरदायी नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता है।

व्याख्यान के अंत में श्रीमती चौधरी ने विद्यार्थियों के प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर दिए और युवाओं से सामाजिक परिवर्तन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का संयोजन महिला अध्ययन केंद्र की समन्वयक डॉ. रंजना मल्ल एवं सदस्य डॉ. स्मिता ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रज्ञा बौद्ध ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन, निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. पुष्पा मिश्रा, कुलानुशासक डॉ. प्रियंका सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. अजय चौबे, डॉ. नीरज कुमार सिंह, डॉ. छबिलाल, डॉ. संजीव कुमार सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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