बलिया में हैवानियत, जमीन कब्जे का विरोध करने पर दबंगों ने 4 साल की मासूम को पटककर तोड़ा हाथ, एसपी दफ्तर में भी नहीं हुई सुनवाई।

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बलिया /उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहां सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के भटवाचक गांव में जमीन कब्जे को लेकर दबंगों ने हदों को पार कर दिया। दबंग का कहर इतना था की जमीन के विवाद के बीच उन्होंने 4 साल की मासूम बच्ची को उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उसका हाथ टूट गया। आरोप है कि न्याय की उम्मीद लेकर एसपी ऑफिस पहुंची पीड़िता की फरियाद भी नहीं सुनी गई।
पीड़िता मनकुवरी देवी पत्नी गोरख राजभर के अनुसार, उनका परिवार वर्ष 1990 से अपनी जमीन ‘आराजी संख्या 43ख, रकबा 0.0120 हेक्टेयर’ पर काबिज है, जहां उनका मकान और सहन बना हुआ है। आरोप है कि 28 अप्रैल की सुबह करीब 9:00 बजे गांव के ही दबंग रामानंद, कन्हैया पुत्रगण सुखु राजभर और अंकित राजभर ने जबरन ईंट रखकर जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया। जब जब पीड़िता के पति ने इसका विरोध किया तो दबंगों ने उनके साथ मारपीट की।
विवाद के दौरान दबंगों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। उन्होंने पीड़िता की 4 वर्षीय नतनी को उठाकर जमीन पर जोर से पटक दिया। इस क्रूरतापूर्ण हरकत में बच्ची का बाया हाथ टूट गया। घायल बच्ची का इलाज कराया गया है और हाथ में प्लास्टर बंधा हुआ है जो इस घटना की गंभीरता को बयां कर रहा है।
घटना के बाद पीड़िता ने सिकंदरपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई लेकिन आरोप है कि पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद न्याय की आस लेकर पीड़िता बलिया पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। पीड़िता का आरोप है कि उन्हें एसपी से मिलने तक नहीं दिया गया उनके हाथ से केवल प्रार्थना पत्र लेकर उन्हें वापस भेज दिया गया। यहां तक की दर्द से कराह रही घायल बच्ची को भी कार्यालय के अंदर नहीं जाने दिया गया।
पीड़ित परिवार के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने उतरे सिविल कोर्ट के अधिवक्ता मनोज राय हंस ने बलिया पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब यही हाल जिला प्रशासन का रहेगा तो ऐसे गरीब परिवारों को न्याय कैसे मिलेगा। बताया सरकारी सिस्टम के तहत ये परिवार अपनी जमीन पर आशियाना बनाकर रह रहा है और दबंग खुलेआम दबंगई के बल पर इनकी जमीन को कब्जा करने का प्रयास कर रहा है और जिम्मेदार प्रशासन मुखदर्शक बनी हुई है मनोज राय हंस ने इस घटना के घोर निंदा की। बताया पिछले 3-4 दिनों से उनकी जमीन को कब्जा किया जा रहा है और यह परिवार अधिकारियों और कोर्ट का चक्कर काटने को मजबूर है।
पीड़िता ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनकी पुश्तैनी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए। अब सवाल यह उठता है कि क्या गरीब परिवार को न्याय मिलेगा या दबंग के आगे प्रशासन इसी तरह खामोश रहेगी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की इस उदासीनता ने कई सवाल खड़े कर दिए है।

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