बलिया /जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क निर्माण परियोजनाओं, भूमि अधिग्रहण, गंगा कटानरोधी कार्यों तथा अन्नपूर्णा भवनों की प्रगति की गहन समीक्षा की। समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों के मुआवजे और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने एनएच-727 नवलपुर-सिकंदरपुर सड़क चौड़ीकरण परियोजना की समीक्षा करते हुए बेल्थरारोड और सिकंदरपुर क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण से जुड़े न्यायालयों में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए। वहीं एनएच-31 गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि के किसानों को समयबद्ध मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने एसडीएम सदर और बैरिया को निर्देश दिया कि मुआवजा भुगतान से जुड़ी लंबित फाइलों का तत्काल निस्तारण कर किसानों को जल्द भुगतान कराया जाए। साथ ही चंद्रशेखर विश्वविद्यालय परिसर में हेलीपैड निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर निर्माण प्रक्रिया शुरू कराने को कहा।
जमनीखास में प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को किसानों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र भूमि अधिग्रहण पूरा करने और निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।

सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान चक्की नौरंगा और महाराजपुर क्षेत्र में गंगा कटान की स्थिति पर चर्चा हुई। डीएम ने अधिकारियों को कटानरोधी कार्यों में तेजी लाने और महाराजपुर में चल रहे कार्यों को हर हाल में 30 जून तक पूरा करने का निर्देश दिया।
अन्नपूर्णा भवनों की समीक्षा में डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि जनपद में 131 अन्नपूर्णा भवन तैयार हैं, लेकिन केवल 31 भवनों से ही कोटेदार दुकान संचालित कर रहे हैं। इस पर उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिया कि शेष भवनों को भी जल्द संचालित कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अन्नपूर्णा भवनों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।