बलिया,सिकंदरपुर /महरो गांव में जिस घर में कुछ दिनों बाद शहनाई बजने वाली थी, वहां अब चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा हुआ है। एक दर्दनाक सड़क हादसे ने शादी की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया। 25 वर्षीय पूजा सिंह की असमय मौत ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महरो गांव निवासी शिवाजी सिंह की पुत्री पूजा सिंह सोमवार की सुबह गोरखपुर से अपने चचेरे भाई के तिलक समारोह में शामिल होने के लिए ट्रेन से बेल्थरा रोड पहुंची थीं। घर में 29 अप्रैल को तिलक और 5 मई को शादी की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं। हर तरफ उत्साह और उमंग का माहौल था। बेल्थरा रोड से पूजा सिंह अपने चचेरे भाई डब्लू सिंह के साथ बाइक से गांव लौट रही थीं। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जैसे ही उनकी बाइक नवानगर के पास पहुंची, ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बिना देर किए दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने पूजा सिंह को मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिन आंखों में खुशी के आंसू थे, वे अब गम से छलक उठीं। पूजा सिंह के असमय निधन ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है। बताया जाता है कि उनके दो भाई अभिषेक सिंह और आकाश सिंह भारतीय सेना में कार्यरत हैं। वहीं पूजा सिंह की भाभी गोरखपुर में पुलिस विभाग में तैनात हैं। पूजा सिंह पढ़ाई पूरी कर अपने भविष्य को संवारने की तैयारी में जुटी थीं। उनके सपने अभी पूरे भी नहीं हो पाए थे कि हादसे ने सब कुछ छीन लिया। गांव में हर कोई इस घटना से स्तब्ध है। लोग यही कह रहे हैं कि कुछ ही दिनों बाद जिस घर में बारात आनी थी, वहां अब मातम का साया छा गया है।