बलिया /बैरिया थाना क्षेत्र के जमालपुर (बाल पर) गांव में गुरुवार को हुए एक हादसे ने न सिर्फ दो परिवारों को कभी न भूलने वाला दर्द दे दिया है। हादसे के 36 घंटे बाद भी गांव-मुहल्ले में उस दर्दनाक हादसे की चर्चा हर जुबां पर तैर रही है। कोई इसे नियति का क्रूर खेल कह रहा है तो विधि का विधान, क्योंकि जिस घर में घटना से पहले मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां सन्नाटा पसरा है। जिस युवक को दूल्हा बनकर बरात निकालनी थी, उसकी अर्थी उठी तो सभी का कलेजा मुंह को आ गया।
जमालपुर (बाल पर) गांव निवासी 25 वर्षीय रवि पुत्र विजेन्द्र पासवान गुड़गांव की एक निजी कम्पनी में कार्यरत थे। रवि की शादी तय थी। 29 अप्रैल को धूमधाम से रवि का तिलकोत्सव संपन्न हुआ था। केवरा से तिलक आया था। परिवार के सभी सदस्य पांच मई को बरात जानी थी, जिसकी तैयारियों में घर-परिवार के जुटे थे। नाते-रिश्तेदारों की आवाजाही से घर में चहल-पहल थी। महिलाएं मंगल गीत गा रही थीं। गुरुवार को रवि घर का बिजली वाला पंखा ठीक करने लगा, तभी करंट की चपेट में आने से अचेत होकर गिर पड़ा। आनन-फानन में रवि को गंभीरावस्था में सीएचसी सोनबरसा पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। जिला अस्पताल लाते समय रास्ते में ही रवि ने दम तोड़ दिया। तिलक के अगले ही दिन दूल्हे की मौत से घर-परिवार के साथ ही पूरे गांव में मातम पसर गया।