त्रिभुवन नाथ यादव एडवो-
विधि संवाददाता बलिया
बलिया /प्रशासनिक न्यायमूर्ति का छोटा सा परिचय- डॉ न्यायमूर्ति गौतम चौधरी अपनी शिक्षा दीक्षा के उपरांत 1993में अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत हुए और अपना कैरियर सिविल ,श्रम कानून संवैधानिक एवं राजस्व सेवा , क्षेत्र में उच्च न्यायालय इलाहाबाद से प्रारंभ किया । सरकार के कार्यों को 1995से 2000तक मिर्जापुर जिला पंचायत, 1998 से 2004 तक नगर पंचायत मिर्जापुर(अहिरउरा) के स्थाई अधिवक्ता के रूप में रहे। इसी क्रम में सरकार ने उन्हें 1998से 2000तक ब्रीफ होल्डर नियुक्त किया। सन् 2000से 2011तक भारतीय रेलवे के मामले का संचालन किया। सामाजिक सेवा के उद्देश्य से श्री चौधरी साहब वर्ष 2009में कौशांबी में लोक सभा का चुनाव लड़ा। ईसी क्रम में 2009से 2019तक रुहेलखंड विश्वविद्यालय के स्थाई अधिवक्ता रहे। इसके अलावा भिन्न भिन्न पदों को सुशोभित किया और 12दिसंबर 2019को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बने। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति के रूप में उनकी पदोन्नति से पूर्व अकादमिक रिकॉर्ड उत्कृष्ट रहा और इसी पांच वर्षों के अंतराल में इक्कीस हजार हिंदी में फैसले लिखने का विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है।