बलिया /बैरिया थाना क्षेत्र के मझौवां स्थित गोपालपुर गंगा घाट (कन्हई ब्रह्म बाबा स्थान के पास) पर गुरुवार को मुंडन संस्कार में शामिल एक युवक स्नान करते समय गंगा नदी में डूब गया। युवक के डूबने की सूचना मिलते ही घाट पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय गोताखोरों ने काफी देर तक युवक की तलाश की, लेकिन देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चल सका। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। वहीं, युवक के डूबने की खबर सुनकर उसकी नानी की सदमे में मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार दलपतपुर निवासी विकास कुमार यादव (19) पुत्र अमरनाथ यादव अपने मामा प्रधान प्रमोद यादव के घर हेमंतपुर में रहकर पढ़ाई करता था। गुरुवार को हेमंतपुर से एक बर्मा परिवार का मुंडन संस्कार दुबेछपरा-गोपालपुर गंगा घाट पर आयोजित था, जिसमें विकास भी शामिल होने गया था। मुंडन संस्कार के दौरान वह स्नान करने के लिए गंगा में उतरा, तभी अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों के शोर मचाने पर ग्रामीणों और गोताखोरों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
घटना की सूचना पर उप जिलाधिकारी बैरिया संजय वर्मा, क्षेत्राधिकारी मोहम्मद फहीम, नायब तहसीलदार दीपक सिंह तथा बैरिया थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। अमरनाथ चौधरी समेत तीन गोताखोरों को कई बार नदी में उतारा गया, लेकिन युवक का पता नहीं चल सका। प्रशासन ने रेवती के गोताखोरों और एनडीआरएफ टीम को भी बुलाने के लिए सूचना भेज दी है।
उधर, जैसे ही विकास के डूबने की खबर हेमंतपुर स्थित उसके ननिहाल पहुंची, उसकी 70 वर्षीय नानी निर्मला देवी पत्नी स्वर्गीय पूर्व प्रधान राजेंद्र यादव जोर-जोर से रोते हुए बेहोश होकर गिर पड़ीं और फिर नहीं उठीं। नानी की मौत की खबर घाट पर पहुंची तो मामा प्रधान प्रमोद यादव भी बदहवास होकर कई बार बेहोश हो गए। ग्रामीण उन्हें तत्काल गांव लेकर पहुंचे।
ग्रामीणों के अनुसार विकास अपने परिवार में पांच बहनों के बीच इकलौता भाई था और ननिहाल में भी अकेला नाती था। इस हृदयविदारक घटना से दलपतपुर और हेमंतपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। देर शाम तक युवक की तलाश जारी थी।