बलिया /जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने शनिवार को तहसील बैरिया में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में दूर-दराज से पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। समाधान दिवस में पेंशन, राशन कार्ड, वरासत, बैनामा एवं भूमि कब्जे से जुड़े मामलों की अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें सबसे अधिक मामले जमीन कब्जे से संबंधित रहे।
जिलाधिकारी ने राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि विवादों के मामलों में मौके पर पहुंचकर मुआयना करें तथा शिकायतों का त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करें।
इस दौरान एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मिड डे मील योजना के अंतर्गत क्षेत्र के कई प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को प्रतिदिन केवल खिचड़ी ही परोसी जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी (बीडीओ) बैरिया को तीन दिनों के भीतर पांच प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। वहीं तहसीलदार को दस विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता की जांच कर तीन दिन के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 90 मामले प्राप्त हुए, जिनमें से 08 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण किया जाए, ताकि आम जनता को शीघ्र न्याय मिल सके।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि शिकायतकर्ताओं द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्रों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी बैरिया संजय कुमार कुशवाहा, तहसीलदार एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम-एसपी ने किया नए न्यायालय कक्षों का उद्घाटन
सम्पूर्ण समाधान दिवस के उपरांत जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने तहसील बैरिया में न्यायालय उप जिलाधिकारी (न्यायिक) बैरिया तथा न्यायालय नायब तहसीलदार सुरेमनपुर के नव निर्मित कक्षों का फीता काटकर उद्घाटन किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि नए न्यायालय कक्षों के शुरू होने से क्षेत्रीय लोगों को राजस्व एवं प्रशासनिक मामलों के निस्तारण में सुविधा मिलेगी तथा न्यायिक कार्यों में तेजी आएगी।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से किए जा रहे ऐसे प्रयास आम जनता के लिए लाभकारी साबित होंगे। इसके बाद जिलाधिकारी ने न्यायालय कक्षों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।