अपूर्वा नर्सिंग होम का मामला 27 दिनों के बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी।
त्रिभुवन नाथ यादव एडवो’-
विधि संवाददाता बलिया
बलिया /रसूखदार आरोपितों को बचाने के खेल का पर्दाफाश तब साबित हो गया जब मृतका के पति शिवांशु राय को प्रशासनिक अमला/ए डी एम द्वारा अधिवक्ताओं के आवेदन को दरकिनार करते हुए शांति भंग के आशंका के मामले में शुक्रवार को जेल भेजने का आदेश पारित कर दिया और वहां के अधिवक्ता असहाय बन देखते रह गए। आज दूसरे दिन मृतका के पति का जमानत मंजूर किया गया और रिहाई का आदेश मऊ कारागार को उसके अधिवक्ता दुर्गेश कुमार दूबे द्वारा भेजवाया गया। यह मामला 27दिन पूर्व अपूर्वा नर्सिंग होम से जुड़ा हुआ है वहां के डॉक्टर द्वारा पत्थरी के ऑपरेशन हेतु भर्ती कराया गया था लेकिन डॉक्टरों के लापरवाही एवं धन उगाही के कारण इस तरीके का घटना घटित हुआ था जिसमें पुलिसिया तांडव शायद देखते ही बन रहा था और कई निर्दोष लोग भी पीट गए। इसी बवाल के बावत कई डॉक्टरों के खिलाफ मर्डर का मुकदमा कायम हुआ । और अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने के वजह से धरना प्रदर्शन आदि हुआ फिर भी प्रशासन मौन साधे हुए है। अंत में न्याय की मांग कर रहे मृतका अनीशा राय के पति ने कल कलेक्ट्रेट परिसर आत्मदाह के लिए अपने शरीर पर पेट्रोल उड़ेल दिया था जिस पर कोतवाली पुलिस द्वारा शांति भंग के मामले में गिरफ्तार कर ए डी एम के आदेश से जेल भेज दी।