त्रिभुवन नाथ यादव एडवो-
विधि संवाददाता बलिया
बलिया /चाहे वो परिवार की समस्या हो क्षेत्र की समस्या या देश की समस्या हो या अदालतों में बढ़ रहे मुकदमो के बोझ का सवाल हो इसके मूल कारण व्यक्ति के नैतिक मूल्यों में गिरावट एवं अनुशासनहीनता है और न्यायालयो के आदेश का तामिला न होना उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाना तमाम कारण है मुकदमों के बोझ को कम करने हेतु माननीय उच्चतम न्यायालय ने त्योहार के रूप में प्रत्येक राज्यों के जनपदों में लोक अदालत लगाये जा रहे हैं यही नहीं पहले के पंचायत के बारे में जिक्र किया और कहा कि हम कसम खाकर गवाही करते हैं लेकिन क्या करते हैं? हम खुद ही जानते हैं उक्त उद्गार माननीय उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति डॉक्टर गौतम चौधरी ने दीवानी न्यायालय के प्रांगण में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्घाटन एवं निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान सेंट्रल हॉल में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किया। इससे पूर्व प्रशासनिक न्यायमूर्ति श्री चौधरी ने जिला जज अनिल कुमार झा समेत समस्त न्यायिक अधिकारी डी.एम मंगला प्रसाद सिंह, एसपी ओमकार सिंह एवं अधिवक्ताओं संग मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन किया।उन्होंने कहा की भावनाओं का गुलाम बनकर नहीं बल्कि सही व गलत को परख कर निर्णय लेना ज्यादे श्रेयस्कर होगा और सभी को आभार जताते हुए कहा कि हिंदी में 98% निर्णय आ रहे हैं जो हमारे लिए व आपके लिए प्रसन्नता और गर्व का विषय है इसी क्रम में डी.एम जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक ओमकार सिंह के संबोधन का संज्ञान लेते हुए उन्होंने कहा कि अपराध इस जिले में 50 होता है तो एक्सीडेंट 250 की संख्या में होता है जिसे सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाने जैसी बातों को संकेत दिया और बढ़ रहे दुर्घटना को दुर्भाग्यपूर्ण एवं मनमानी बताया। इससे पूर्व जिला जज अनिल कुमार झा ने लोक अदालत के पारदर्शिता एवं माननीय प्रशासनिक के न्याय मूर्ति के बारे में संक्षिप्त परिचय देते हुए उनके लेखनी एवं 27846 हिंदी में निर्णय को विश्व में कीर्तिमान स्थापित करने पर भूरी भूरी प्रशंसा की और पुष्प के गुच्छों से अभिवादन किया साथ ही समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं अध्यक्ष मंडल देवेंद्र कुमार मिश्रा, व जितेंद्र सिंह द्वारा भी ए जे डॉ गौतम चौधरी को फूल माला से स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अश्वनी कुमार दुबे, सचिव प्राधिकरण चंद्र प्रकाश तिवारी व जे एम द्वितीय प्रियंका द्वारा किया गया।