त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट
विधि संवाददाता, बलिया
बलिया /दहेज प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर विवाहिता द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पुनीत कुमार गुप्ता की अदालत ने अभियुक्त पति को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त पर विभिन्न धाराओं में कुल 6 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त दो माह का कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार मऊ जनपद के हलधरपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी राजू ने भीमपुरा थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसकी पुत्री सोनम की शादी 23 जून 2020 को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार बरौली राममंदिर में भीमपुरा थाना क्षेत्र के हुडरहा निवासी राजकुमार पुत्र चंद्रमा के साथ हुई थी। शादी के बाद शुरुआती दिनों में दांपत्य जीवन सामान्य रहा तथा दोनों से दो बच्चे भी पैदा हुए।
आरोप है कि कुछ समय बाद पति राजकुमार और ससुर चंद्रमा दहेज की मांग को लेकर सोनम को प्रताड़ित करने लगे। दहेज की मांग पूरी न होने पर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया गया। प्रताड़ना से तंग आकर सोनम ने 12 नवंबर 2024 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता विष्णु दत्त पांडे ने साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त पति राजकुमार को दोषी मानते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई।