त्रिभुवन नाथ यादव एडवो
विधि संवाददाता, बलिया
बलिया। करीब छह वर्ष पुराने चर्चित अंडा व्यवसायी हत्याकांड की सुनवाई के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार झा की अदालत में मंगलवार को महत्वपूर्ण कार्यवाही हुई। न्यायालय ने मामले में गवाही के लिए तलब किए गए तत्कालीन पुलिसकर्मियों में कांस्टेबल दुर्गेश तिवारी की गवाही पूर्ण कराई।
गवाही संपन्न होने के बाद अदालत ने तत्कालीन इंस्पेक्टर विपिन सिंह तथा एसआई देवेंद्र कुमार दुबे को अगली नियत तिथि 26 मई 2026 को न्यायालय में उपस्थित होकर गवाही देने का आदेश दिया है।
यह मामला एक बार फिर उस समय चर्चा में आ गया, जब पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बलिया निवासी आरोपी राज सिंह की गिरफ्तारी सीबीआई द्वारा की गई। बताया जा रहा है कि आरोपी राज सिंह को अयोध्या से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम उसे पश्चिम बंगाल लेकर चली गई, जहां वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
इसके अलावा सीबीआई ने रसड़ा क्षेत्र के रतोंपुर गांव निवासी दूसरे आरोपी राज सिंह पुत्र त्रिभुवन नारायण सिंह को भी मुजफ्फरनगर से स्थानीय पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया। ट्रांजिट रिमांड पर उसे भी पश्चिम बंगाल ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ जारी है।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राज सिंह पुत्र त्रिभुवन नारायण सिंह के खिलाफ बलिया की विशेष अदालत में पहले से भी कई मामले विचाराधीन हैं। वर्ष 2020 में पूर्व ग्राम प्रधान अरविंद कुमार खरवार के घर में घुसकर मारपीट और उत्पात मचाने का मामला विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट में लंबित है। इसके अलावा गांव के ही एक अन्य व्यक्ति जितेंद्र कुमार भारती के घर में घुसकर मारपीट और महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोपों से जुड़ा मामला भी अदालत में विचाराधीन बताया जा रहा है।
अंडा व्यवसायी हत्याकांड में लगातार हो रही न्यायिक कार्रवाई और पश्चिम बंगाल के हाई-प्रोफाइल हत्याकांड से जुड़े तार सामने आने के बाद यह मामला एक बार फिर जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।