बलिया। जिले में वर्ष 2026 के वृक्षारोपण अभियान को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बुधवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में थीम आधारित विशेष वनों की स्थापना और बड़े स्तर पर पौधरोपण को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
बैठक में सदस्य सचिव एवं प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग बलिया, पृथ्वीराज के.एस.बी. ने जानकारी दी कि शासन के निर्देश पर वर्ष 2026 में अलग-अलग उद्देश्यों के लिए विशेष प्रकार के वन विकसित किए जाएंगे। इनमें “मिशन छाया”, “वंदे मातरम वाटिका”, “महर्षि चरक औषधि वन”, “समरस वन”, “समृद्धि वन”, “कपि वन”, “ऊर्जा वन”, “अविरल धारा वृक्षारोपण” तथा “ग्रीन चौपाल” जैसे अभियान शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि “मिशन छाया” के तहत हीट वेव से बचाव के लिए पीपल, बरगद, पाकड़, नीम, आम और कदंब जैसे छायादार वृक्ष सार्वजनिक स्थलों एवं सड़कों के किनारे लगाए जाएंगे। वहीं स्वतंत्रता दिवस पर “वंदे मातरम वाटिका” के अंतर्गत 150 पौधों का रोपण किया जाएगा।

बैठक में “महर्षि चरक औषधि वन” के तहत औषधीय पौधों के रोपण, डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर “समरस वन” की स्थापना तथा किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से “समृद्धि वन” विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई।
बंदरों के बढ़ते उत्पात को नियंत्रित करने के लिए शहरों के बाहर फलदार पौधों का रोपण कर “कपि वन” स्थापित किए जाएंगे। वहीं तेजी से बढ़ने वाली प्रजातियों के पौधों के जरिए “ऊर्जा वन” विकसित करने की भी तैयारी है।
अधिकारियों ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे की दोनों पटरियों पर 500 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 5.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा “अविरल धारा वृक्षारोपण” कार्यक्रम के तहत नदियों के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा।
बैठक में “सहजन भंडारा” और “आम भंडारा” अभियान के तहत सहजन एवं देशी आम के पौधों के वितरण पर भी जोर दिया गया। साथ ही सभी ग्राम पंचायतों में “ग्रीन चौपाल” आयोजित कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि चयनित स्थलों का शीघ्र चिन्हांकन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि “भाई-बहन वृक्षारोपण (रक्षाबंधन वाटिका)” और “एक पेड़ गुरु के नाम” कार्यक्रम भी पूर्व वर्षों की तरह इस बार भी आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।