बलिया। जनपद में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और संभावित हीट वेव (लू) को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार ने आमजन के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी करते हुए लोगों से सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार यदि किसी क्षेत्र का तापमान लगातार तीन दिनों तक सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बना रहता है, तो उसे हीट वेव माना जाता है। वहीं विश्व मौसम संगठन के अनुसार लगातार पांच दिनों तक तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक रहने या दो दिनों तक 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने पर स्थिति गंभीर मानी जाती है।
ADM ने कहा कि 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान मानव शरीर पर प्रतिकूल असर डालने लगता है। लंबे समय तक तेज धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में रहने से लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन ने बुजुर्गों, हृदय रोगियों, मधुमेह के मरीजों, गर्भवती महिलाओं और मोटापे से ग्रस्त लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी है। हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, गर्म और लाल त्वचा, पसीना न आना, चक्कर आना, सिरदर्द, कमजोरी, उल्टी जैसा महसूस होना और सांस लेने में परेशानी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने को कहा गया है।
लोगों को अधिक पानी पीने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, धूप में निकलते समय टोपी, छाता और चश्मे का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यात्रा के दौरान पानी साथ रखने तथा ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और लस्सी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने को कहा गया है।
प्रशासन ने खास तौर पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में निकलने से बचने की अपील की है। साथ ही बच्चों और जानवरों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ने तथा अधिक गर्मी में भारी काम करने से बचने की सलाह दी गई है।