बलिया /जिले में पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बुधवार को तहसील सदर के ग्राम जमुआ में अमृत 2.0 योजना के तहत प्रस्तावित जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कराने तथा निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि नगर पालिका परिषद बलिया के लिए जिला पेयजल आपूर्ति योजना को ट्रांच-1 के अंतर्गत स्वीकृति मिल चुकी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में 35 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र (WTP), 53 एमएलडी क्षमता का इंटेक वेल, लगभग 1000 केएल क्षमता का ओवरहेड टैंक (OHT), 115 किलोमीटर लंबी जल वितरण पाइपलाइन तथा 21 किलोमीटर लंबी राइजिंग मेन का निर्माण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि योजना के पूर्ण होने के बाद नगर पालिका क्षेत्र के लगभग 20,603 घरों तक शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
जिलाधिकारी ने जल शोधन संयंत्र, इंटेक वेल एवं शिरोपरी जलाशय निर्माण हेतु भूमि संबंधी प्रस्तावों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के अधिशासी अभियंता को परियोजना का प्राक्कलन एवं डिजाइन तैयार कर निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे), तहसीलदार सदर, उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के अधिकारी, राजस्व विभाग की टीम तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।