शिव के स्मरण मात्र से जीवन जाता है संवर : पं. प्रदीप मिश्रा
बलिया /बाबा बालखंडी नाथ धाम, दिउली में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को शिव भक्ति और नाम स्मरण का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के स्मरण मात्र से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

कथावाचन के दौरान पंडित मिश्रा ने कहा कि नियमित रूप से भगवान का भजन और नाम स्मरण करने वाले व्यक्ति पर शिव की विशेष कृपा बनी रहती है, जबकि व्यसनों में लिप्त व्यक्ति अपना जीवन स्वयं नष्ट कर लेता है। उन्होंने सफलता का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि जीवन में ‘मैं’ की भावना का त्याग कर ‘आप’ और ‘हम’ शब्दों को अपनाना चाहिए। शिव भक्त कभी किसी उपलब्धि का श्रेय स्वयं नहीं लेता, बल्कि उसे भोलेनाथ की कृपा मानता है।

उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के मन में यह भाव आ जाता है कि उसका घर नहीं बल्कि शिव का घर है, उसके जीवन और परिवार से अशांति स्वतः दूर हो जाती है। कथा के दौरान उन्होंने बलियावासियों को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि अधिक मास, प्रदोष, शिवरात्रि और सोमवती अमावस्या जैसे पावन संयोगों के बीच शिव महापुराण कथा का श्रवण अत्यंत पुण्यदायी है।

श्रद्धालुओं को एक क्षण की भक्ति की महत्ता समझाने के लिए पंडित मिश्रा ने संत और गरीब लोहार की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि एक लोहार प्रतिदिन कुछ समय के लिए शिवालय जाकर नंदी के कान में अपनी बात कहकर लौट आता था। एक बार गांव में भीषण वर्षा और जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर उसने नंदी के माध्यम से भोलेनाथ से प्रार्थना की। भगवान शिव की कृपा से वर्षा थम गई और गांव संकट से बच गया।
उन्होंने कहा कि शिव से संबंध जोड़ने के लिए घंटों की साधना आवश्यक नहीं है, बल्कि सच्चे मन से किया गया एक क्षण का स्मरण भी भगवान तक पहुंच जाता है।
इस अवसर पर मंत्री के अनुज धर्मेंद्र सिंह, अनुज सरावगी, अनिल पांडेय, राजाराम सिंह, राजेश गुप्ता सहित अनेक श्रद्धालुओं ने व्यास पीठ की पूजा-अर्चना कर कथा का श्रवण किया।