त्रिभुवन नाथ यादव एडवो-
विधि संवाददाता बलिया
बलिया /नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी के मामले की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट-प्रथम) ने अदालत के आदेशों की लगातार अवहेलना पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने आजमगढ़ परिक्षेत्र के डीआईजी सुनील कुमार सिंह को व्यक्तिगत रूप से तलब करते हुए उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
अदालती सूत्रों के अनुसार, दुबहड़ थाने में वर्ष 2021 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 29/2021 में आरोपी पीयूष पाठक के खिलाफ दुष्कर्म, छेड़छाड़, बरामदगी और पीड़िता को जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। इस मामले के विवेचक रहे तत्कालीन उपनिरीक्षक अखिलेश यादव, जो वर्तमान में आजमगढ़ के कंधरापुर रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात हैं, गवाही के लिए कई बार समन जारी होने के बावजूद न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।
बताया गया कि न्यायालय द्वारा पहले कारण बताओ नोटिस, गैर-जमानती वारंट तथा वेतन रोकने तक के आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी न तो अदालत में उपस्थित हुए और न ही अनुपस्थिति का कोई प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
इस पर विशेष न्यायाधीश ने मामले को गंभीर मानते हुए डीआईजी आजमगढ़ सुनील कुमार सिंह को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। साथ ही उनसे यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना के संबंध में उनके विरुद्ध पुलिस अधिनियम की धारा 29 के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए।
मामले में अगली सुनवाई पर न्यायालय के समक्ष डीआईजी के जवाब और अनुपालन पर सभी की नजरें रहेंगी।