बलिया /जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मुकदमों को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में धारा 34, 116, 67, 24, 144 और 35 के तहत लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई।
डीएम ने सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और उप जिला न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मुकदमों का समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
सिकंदरपुर तहसील में लंबित मामलों पर भी डीएम ने सख्ती दिखाई। नायब तहसीलदार के पास लंबित पांच मुकदमों को तीन दिन में निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। वहीं एसडीएम सिकंदरपुर न्यायालय में 121, उप जिला न्यायिक के पास 53 और तहसीलदार न्यायालय में 124 मुकदमे लंबित पाए गए। इन सभी मामलों को इसी माह निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि जिन न्यायालयों में लंबित मुकदमों की संख्या अधिक है, वहां अभियान चलाकर इसी माह मामलों का निस्तारण कराया जाए। साथ ही पांच वर्ष से अधिक पुराने मुकदमों को चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने को की

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी राजस्व न्यायालयों में मुकदमों की फाइल ऑनलाइन संचालित होनी चाहिए। यदि किसी न्यायालय में ऑफलाइन फाइल चलती मिली तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने यह भी बताया कि अगले सप्ताह बैरिया और बेल्थरारोड तहसील के लंबित मुकदमों की समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के दौरान लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
डीएम के सख्त निर्देश के बाद राजस्व न्यायालयों में लंबित मुकदमों के निस्तारण को लेकर अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है।