बलिया /जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को दी गई राहत सामग्री और सरकारी सहायता का पूरा विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाए। राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने सभी एसडीएम को बाढ़ पीड़ितों को वितरित की गई राहत किट का विवरण और प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति सामान्य हो गई है, वहां स्थापित बाढ़ चौकियों को बंद कर उनकी सूची उपलब्ध कराने को कहा गया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाई गई नावों की सूची तैयार करने और नावों के भुगतान की प्रक्रिया समय से पूरी कराने के भी निर्देश दिए गए।

फसल क्षति के सर्वे को लेकर भी डीएम ने सख्ती दिखाई। सभी तहसीलदारों को बाढ़ प्रभावित गांवों में फसल क्षति का विस्तृत सर्वे कराकर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे के लिए नायब तहसीलदार को 5 गांव, सचिव को 3 गांव और लेखपाल को 3 गांव की जिम्मेदारी दी गई है।
अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रभावित गांवों का प्रतिदिन सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी सहायता का लाभ केवल पात्र लोगों को ही मिले और राहत कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। सभी आवश्यक अभिलेख समय से तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया गया।