जिलाधिकारी ने जांची तहसील रसड़ा की व्यवस्था, दिए कड़े निर्देश।

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तहसील रसड़ा में शौचालय, बाउंड्रीवॉल और अग्निशमन व्यवस्था सुधारने के निर्देश।

पट्टे की फाइल खतौनी में दर्ज न मिलने पर रजिस्ट्रार कानूनगो को प्रतिकूल प्रविष्टि।

अभिलेखों की अव्यवस्था पर डीएम सख्त, 10 दिन में रिकॉर्ड दुरुस्त करने के दिए आदेश।

कृषक दुर्घटना बीमा की 350 फाइलें लंबित, डीएम ने मांगी रिपोर्ट।

बलिया / जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शनिवार को तहसील रसड़ा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तहसील परिसर की व्यवस्थाओं में कई कमियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। डीएम ने तहसील परिसर की टूटी बाउंड्रीवॉल को तत्काल ठीक कराने तथा उसका प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। परिसर में स्थित शौचालयों की मरम्मत कर उन्हें सुचारु और स्वच्छ रखने को कहा। एसडीएम को निर्देशित किया कि तहसील परिसर बड़ा होने और पर्याप्त खाली स्थान होने के कारण वहां एक सुंदर पार्क विकसित कराया जाए। जर्जर भवनों को कंडम घोषित कर नए भवन निर्माण की कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए। परिसर में पड़ा पुराना व खराब जनरेटर हटाने को कहा गया।

निरीक्षण के दौरान डीएम खतौनी केंद्र कार्यालय भी पहुंचे। उन्होंने रजिस्ट्रार कानूनगो से अनावश्यक अभिलेखों की पहचान कर प्रस्ताव तैयार करने और पुराने रिकॉर्ड हटाकर नए दस्तावेजों के सुव्यवस्थित रखरखाव की व्यवस्था करने को कहा। सभी अलमारियां खुलवाकर अभिलेखों की जांच की गई।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में आर0के0 द्वारा किए गए पट्टों की फाइल तलब की गई। जांच में पाया गया कि पट्टे की फाइल तो उपलब्ध थी, लेकिन उसका खतौनी में अंकन नहीं किया गया था। पत्रावलियों का रखरखाव भी संतोषजनक नहीं मिला। इस पर संबंधित आर0के0/रजिस्ट्रार कानूनगो अनिल तिवारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना की फाइल अभिलेखागार में रखी पाई गई, जिस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।रजिस्ट्रार कानूनगो को निर्देश दिए गए कि 10 दिन के भीतर सभी अभिलेखों की जांच कर अनावश्यक फाइलें हटाई जाएं। वर्ष 2020 से 2023 तक की लगभग 350 फाइलें लंबित पाई गईं। डीएम ने जांच कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कितने कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ मिला और कितने वंचित रह गए।

साथ ही जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।संग्रह अभिलेखागार में अग्निशमन यंत्र चालू हालत में रखने, तहसील परिषद के सभी शौचालयों को कार्यशील व स्वच्छ रखने तथा टाइल्स लगाने के निर्देश दिए गए। परिसर में बेहतर रजिस्ट्रेशन व्यवस्था, सुव्यवस्थित आरक्षण कक्ष तथा हेल्प डेस्क स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
डीएम ने स्पष्ट किया कि तहसील स्तर पर जनता को पारदर्शी, त्वरित और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण में एसडीएम रसड़ा, तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारी गण उपस्थित है।

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