रणजीत सिंह पत्रकार-
अखार बलिया
बलिया /दुबहड़ थाना क्षेत्र के जनाड़ी (चकिया के बारी) गांव में 11 भैंसों के रहस्यमय ढंग से गायब होने की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब लापता भैंसों में से एक भैंस गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान हालत में वापस लौट आई। घटना के बाद पशुपालकों में भय और चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, जनाड़ी गांव निवासी रामाशंकर पासवान और वीरेन्द्र साहनी अपनी कुल 11 भैंसों को 5 जून 2026 की सुबह करीब 8 बजे रोजाना की तरह गांव के सामने स्थित दियारा क्षेत्र में चरने के लिए छोड़कर घर लौट आए थे। इनमें रामाशंकर की 6 और वीरेन्द्र की 5 भैंसें शामिल थीं। पशुपालकों के अनुसार अधिकांश भैंसें काले रंग की थीं, जबकि तीन भैंसें भूरे रंग की थीं।
दोपहर में जब दोनों पशुपालक दियारा क्षेत्र में अपनी भैंसों को देखने पहुंचे तो वहां एक भी भैंस मौजूद नहीं थी। इसके बाद उन्होंने आसपास के क्षेत्रों में घंटों तलाश की, लेकिन देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिल सका।

घटना ने तब गंभीर रूप ले लिया जब अगले दिन 6 जून की सुबह करीब 4 बजे रामाशंकर पासवान की एक भैंस घायल और बदहवास हालत में गांव वापस पहुंची। भैंस के शरीर पर गहरे जख्म और चोट के कई निशान पाए गए। भैंस की हालत देखकर पशुपालकों ने किसी अज्ञात गिरोह द्वारा पशु चोरी या हमला किए जाने की आशंका जताई है।
फिलहाल 10 भैंसें अब भी लापता हैं और उनका कोई पता नहीं चल सका है। पीड़ित पशुपालकों ने दुबहड़ थाने में लिखित तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच, भैंसों की बरामदगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। एक साथ 11 भैंसों का गायब होना और फिर एक का घायल अवस्था में लौटना कई सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।