बलिया /घाघरा नदी के लगातार बढ़ते कटान को लेकर क्षेत्र में चिंता गहराती जा रही है। इसी क्रम में आज खरीद-दरौली घाट पर नाव से घाघरा नदी के कटान प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कटान से प्रभावित किसानों और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया।
मौके पर मौजूद बाढ़ एवं कटान विभाग के अधिकारियों से कटान की स्थिति की विस्तृत जानकारी लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। कहा गया कि घाघरा नदी में लगातार हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि समा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर अनदेखा नहीं किया जा सकता।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि निपनिया, पुरुषोत्तम पट्टी और बिजलीपुर गांव के सामने हो रहे भीषण कटान को रोकने के लिए बाढ़ विभाग द्वारा 12 करोड़ 12 लाख रुपये की परियोजना फरवरी माह में ही शासन को भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक धनराशि स्वीकृत नहीं हो सकी है। इस पर नाराजगी जताते हुए कहा गया कि जब किसानों की जमीन, मकान और भविष्य खतरे में हों, तब सरकार की ऐसी उदासीनता बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कटान रोकने के लिए शीघ्र ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र की जनता के साथ सिकंदरपुर तहसील पर बड़े स्तर पर लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। किसानों के अधिकारों और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए संघर्ष हर स्तर पर जारी रखने की बात भी कही गई।