त्रिभुवन नाथ यादव एडवो-
विधि संवाददाता बलिया
बलिया /रेवती थाना क्षेत्र के गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1 हरिश कुमार की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने शिवाल मठिया गांव निवासी सगे भाई भीम साह पुत्र रामाकांत साह एवं पप्पू साह पुत्र रामाकांत साह को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास तथा 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा कि यदि अभियुक्त अर्थदंड की राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त तीन माह का कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अजय तिवारी ने प्रभावी पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने अभियुक्तों को दोषी माना।
अभियोजन के अनुसार, तत्कालीन थानाध्यक्ष ने 27 दिसंबर 2008 को क्षेत्र भ्रमण के दौरान सूचना के आधार पर गिरोहबंद अधिनियम के तहत कार्रवाई की थी। जांच में सामने आया कि दोनों अभियुक्त एक संगठित गिरोह के सदस्य थे और क्षेत्र में आतंक व दबदबा कायम कर आर्थिक एवं भौतिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते थे। अभियुक्तों के विरुद्ध हत्या, गाली-गलौज सहित कई गंभीर आपराधिक मुकदमे भी दर्ज थे।
करीब 18 वर्ष पुराने इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों सगे भाइयों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। यह फैसला संगठित अपराध के विरुद्ध न्यायालय की सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।