त्रिभुवन नाथ यादव एडवो-
विधि संवाददाता बलिया
बलिया /विगत गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने पिता के साथ झंडा तोलन में गयी चार वर्षीय किशोरी के साथ दरिन्दगी का हद पार करने के एक मामले में सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट प्रथमकान्त की न्यायालय ने अभियुक्त साधु यादव (प्रधान पुर)को कस्टडी में लेते हुए दोष सिद्ध करार देते हुए पच्चीस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। तथा बीस हजार रुपए जुर्माने से भी दंडित की है। जमा नहीं करने पर छः माह अतिरिक्त कैद भुगतना होगा। साथ ही न्यायालय ने जेल अधीक्षक को यह भी आदेश जारी की है कि अभियुक्त द्वारा इस प्रकरण के जाँच एवं विचारण के दौरान जेल में बिताई गयी अवधि इस न्यायालय द्वारा अधिरोपित सजाओं में समायोजित किया जाय। तथा उक्त दण्डादेश को बिना विलम्ब किये कार्यान्वित किया जाये। अभियोजन के मुताबिक यह घटना रसड़ा थाना क्षेत्र के एक गाँव में 26 जनवरी 25 को गणतंत दिवस के दिन सुबह 9.30 बजे घटित हुआ था। – वादिनी मुकदमा ने तहरीर दर्ज -करायी थी कि उसकी नाबालीग पुत्री जिसकी उम्र मात्र 4 साल 3 माह की है। अपने पिता के साथ गणतंत दिवस के दिन झंडा तोलन में गयी थी। तथा वहाँ राष्ट्रगान शुरू हुआ था। जहाँ अभियुक्त’ ने उसके साथ गलत काम किया। तो चिल्लाई लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया घर लौटने पर घटना के बारे में बतायी। तो तहरीर देकर अभियुक्त के विरुद्ध पाक्सों एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ।