बलिया ।उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत बलिया पुलिस की मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी से एक जघन्य POCSO मामले में न्यायालय ने महज 46 दिनों के भीतर दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में हुई प्रभावी कार्रवाई के फलस्वरूप थाना सुखपुरा में दर्ज मुकदमा संख्या 77/2026 में विशेष न्यायाधीश, POCSO एक्ट कोर्ट संख्या-08, बलिया ने विजय राम पुत्र सुबा राम, निवासी ग्राम धनिधरा, थाना सुखपुरा को POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
क्या था मामला?
पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 11 अप्रैल 2026 की रात उसके ही पिता विजय राम ने उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत मिलने के बाद थाना सुखपुरा पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
46 दिन में मिला न्याय
बलिया पुलिस की मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय ने इस संवेदनशील मामले में सिर्फ 46 दिनों के भीतर दोषसिद्धि करते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी राकेश कुमार पाण्डेय ने प्रभावी पैरवी की।