बलिया /एक शिक्षक की फर्जी डिग्री का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर हुई जांच में खुलासा हुआ कि ग्राम कटया, पोस्ट बहोरवां निवासी शिवनाथ यादव पुत्र सूर्यबली यादव ने कूटरचित प्रमाणपत्रों के सहारे वर्ष 1999 में नौकरी प्राप्त की थी। वह लंबे समय से शिक्षा विभाग को गुमराह कर रहा था।
शिकायतकर्ता अजीत कुमार यादव (ग्राम खूंटा, पोस्ट बहोरवां) ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर यह शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू की। जांच रिपोर्ट में शिक्षक के शैक्षिक अभिलेखों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान उनके फर्जी होने की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई।
जानकारी के अनुसार, शिवनाथ यादव को वर्ष 2008-09 में पदोन्नति देकर प्रधानाध्यापक बनाया गया था। हालांकि, बाद में कार्यकुशलता में कमी के कारण उन्हें कंपोजिट विद्यालय बेलसंडी में सहायक अध्यापक के पद पर कार्य करना पड़ा। इन सबके बावजूद वह वर्षों तक सेवा में बने रहे।
जांच में यह भी सामने आया कि करीब 26 सालों तक नौकरी करते हुए संबंधित शिक्षक ने वेतन और अन्य मदों में सरकारी धन का लाभ उठाया। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) मनीष कुमार सिंह ने बताया कि विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने पर शिक्षक को बर्खास्त कर दिया गया है। उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।