बलिया /इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगरा थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित आठ पुलिसकर्मियों को बड़ा झटका देते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) बलिया द्वारा जारी समन आदेश को बरकरार रखा है। अब सभी आरोपित पुलिसकर्मियों को सीजेएम न्यायालय में उपस्थित होकर मुकदमे का सामना करना होगा।
मामला 13 अगस्त 2023 का है। आरोप है कि नगरा थाना क्षेत्र के बही गांव निवासी देवनारायण प्रजापति के साथ तत्कालीन थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मियों ने विपक्षी पक्ष से मिलीभगत कर बेरहमी से मारपीट की थी। परिवादी का आरोप है कि पिटाई इतनी गंभीर थी कि उसकी एक आंख की दृष्टि तक चली गई।
घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर उसने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) बलिया की अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। मामले का संज्ञान लेते हुए तत्कालीन सीजेएम शैलेष पाण्डेय ने तत्कालीन थानाध्यक्ष अतुल मिश्रा, उपनिरीक्षक छुन्ना सिंह, उपनिरीक्षक मुन्ना लाल यादव, कांस्टेबल शिवम पटेल, विवेक यादव, संतोष सिंह, राजकुमार पटेल तथा दीनानाथ के विरुद्ध संबंधित धाराओं में समन जारी कर तलब किया था।
इस आदेश को चुनौती देते हुए सभी आठ पुलिसकर्मियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर समन आदेश निरस्त करने की मांग की थी। हालांकि, न्यायमूर्ति दीपक वर्मा ने याचिका खारिज करते हुए सीजेएम के आदेश को सही ठहराया।
बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में प्रथम दृष्टया पुलिसकर्मियों के विरुद्ध अपराध बनना माना और यह भी टिप्पणी की कि आरोपों के अनुसार उन्होंने अपने पद एवं अधिकारों का दुरुपयोग किया है। हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब सभी आरोपित पुलिसकर्मियों को सीजेएम न्यायालय में उपस्थित होकर विधिक प्रक्रिया का सामना करना होगा।